राज और जवान भाभी – Part 3

मेरा नाम राज है। जैसा की आपने कहानी के पिछले दो भाग में पढ़ा. कैसे मेरी भाभी मेरा ख्याल रखती थी और हम दोनों में कितनी नज़दीकिया थी. इसी के चलते भाभी ने मुझे अपना दुःख बताया और मेने उनकी हेल्प की.

कहनी के पिछले दो भाग जरूर पढ़िए तो इस कहानी में और मज़ा आएगा – राज और जवान भाभी – Part 2

अब आगे…

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मैंने कहा – अभी तो तुमने कहा था कि अगली बार दिखा दूंगी।

भाभी ने शरमाते हुये कहा – अच्छा बाबा, देख ले लेकिन अगर कही तुझे जोश आ गया तो।

मैंने कहा – मैं भी चोद दूंगा।

वो बोली – ठीक है, चोद देना।

मैंने भाभी कि चूत पर से कपड़ा हटा दिया। उनकी चूत कि हालत एकदम खराब हो चुकी थी। उनकी चूत का मुँह बहुत ज्यादा चौड़ा हो चुका था और उनकी चूत डबल रोटी कि तरह सूज गयी थी। उनकी चूत से ज्यूस टपक रहा था, जिसमें थोड़ा सा खून भी मिला हुआ था। बेड कि चादर भी उन दोनो के ज्यूस से एकदम खराब हो चुकी थी।

मैं देर तक भाभी कि चूत को देखता रहा तो वो बोली – अब रहने भी दे। कब तक देखेगा।

मैंने कहा – मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।

वो बोली – मेरी जान ही निकल गयी और तुझे अच्छा लग रहा है।

मैंने कहा – मज़ा भी तो आया।

वो बोली – हाँ, ये तो है।

मैंने कहा – फिर देखने दो ना।

वो बोली – ठीक है, जी भर कर देख ले।

मैंने कहा – मुझे भी जोश आ रहा है।

वो बोली – अगर तेरा दिल करता है, तो तू भी अपनी प्यास बुझा ले।

मैंने कहा – तुम्हारी चूत मेरे लण्ड के लायक नहीं है।

वो बोली – क्यों, क्या खराबी है मेरी चूत में?

मैंने कहा – ये तो कुछ ज्यादा ही चौड़ी हो गयी है।

भाभी कुछ नहीं बोली।

लगभग 35 मिनट के बाद शिव फिर आ गया तो मैं बाहर चला आया। इस बार भी भाभी के चीखने कि आवाज़ ज्यादा देर तक नहीं आयी।

इस बार भी शिव 20 मिनट में ही कमरे से बहर आ गया, तो मैं कमरे में चला गया।

इस बार भाभी एकदम नंगी पड़ी थी। उन्होंने अपनी चूत को भी नहीं ढका था।

मैंने पूछा – अब शरम नहीं आ रही है।

वो बोली – अब कहे कि शरम। अब तो तू मेरी चूत को देख ही चुका है।

मैंने कहा – वो तो मैं बरसो से देख रहा हूँ।

मैंने भी कि चूत को देखते हुये कहा – ये तो पहले से भी ज्यादा सूज गयी है।

भाभी ने कहा – आ, बैठ जा मेरे पास।

मैं उनके पास बैठ गया। उन्होंने मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया और कहने लगी। तूने मुझे आज वो मज़ा दिलया है कि मैं सारी जीन्दगी इसे नहीं भुला पाऊँगी। मुझे अब लग रहा है कि मैं भी माँ बन जाउँगी।

मैंने कहा – अब घर चलोगी या और भी चुदवाना है।

वो बोली – अब आज और नहीं।

मैंने कहा – फिर घर चलो।

वो बोली – चल।

भाभी उठने की कोशिश करने लगी तो उनके मुँह चीख निकल गयी।

मैंने पूछा – क्या हुआ?

वो बोली – बहुत दर्द हो रहा है, घर कैसे जाउँगी।

मैंने कहा – फिर क्या करोगी?

वो बोली – थोड़ा गर्म पानी ले आ, मैं अपनी चूत कि सिकाई कर लेती हूँ। इस से दर्द कम हो जयेगा।

मैंने कहा – अभी लाता हूँ।

मैं थोड़ी ही देर मैं गर्म पानी ले कर भाभी के पास आ गया। मैंने कहा – पानी लाया हूँ, सिकाई कर लो। वो सिकाई करने के लिये उठना चाहती थी, लेकिन उठ नहीं पा रही थी। मैंने उनकी इतनी बुरी हालत देखी तो मैंने कहा – कहो तो मैं ही सिकाई कर दूं।

वो बोली – तू मेरी चूत कि सिकाई करेगा।

मैंने कहा – तो क्या हुआ?

भाभी ने शरमाते हुये कहा – ठीक है, तू ही सिकाई कर दे।

मैंने गर्म पानी से भाभी कि चूत कि सिकाई शुरु कर दी। जोश के मारे मेरा लण्ड भी खड़ा हो गया।

भाभी ने मेरा लण्ड देखा तो बोली – तेरा क्यों खड़ा हो गया?

मैंने कहा – चूत पर हाथ लगने से मुझे भी थोड़ा जोश आ गया है।

वो मुसकुरते हुये बोली – गड़बड़ मत करना।

मैंने कहा – होटल का खाना खाने के बाद घर का खाना थोड़े ही अच्छा लगता है। आखिर में घर का खाना ही खाना पड़ेगा।

वो बोली – अगर मेरा मन हुआ तो मैं घर का खाना भी खा लूंगी।

लगभग 20-25 मिनट कि सिकई के बाद मैंने कहा – अब उठ कर देखो, उठ पाती हो या नहीं। भाभी उठने की कोशिश करने लगी, तो उनके मुँह से हल्की सी आह निकल गयी लेकिन वो उठ गयी।

मैंने कहा – अब चलो घर।

वो बोली – थोड़ी सिकई और कर लेने दे। उन्होंने मेरे हाथ से गर्म पानी और कपड़ा ले लिया और अपनी चूत कि सिकई करने लगी। 10-15 मिनट बाद वो बोली – अब घर ले चल मुझे।

भाभी ठीक से चल नहीं पा रही थी। मैं भाभी को सहारा दे कर घर ले आया। अगले 2 दिनो तक भाभी शिव के पास नहीं गयी।

तीसरे दिन भाभी मुझसे कहने लगी, आज रात तेरे भैया से बात हो रही थी। मैंने उनसे बता दिया कि मैंने तेरे एक दोस्त से चुदवाया है। पहले तो वो थोड़ा नाराज़ हुये और फिर कहने लगे कि अगर तुझे चुदवाना ही था, तो क्या राज बुरा था। राज का लण्ड भी तो खूब लम्बा और मोटा है। मैंने उनसे कह दिया कि मुझे राज से चुदवने में शरम आयेगी, तो वो बोले फिर ठीक है तुम्हारी मरजी जीस से भी मन कहे चुदवाओ।

फिर मैंने उनसे कहा कि मैं कल से 10 दिनो के लिये शिव के पास जाउँगी तो वो बोले, चली जाओ। अब तू मुझे शिव के पास पहुचा दे। 10 दिनो के बाद मुझे लेने आ जाना।

मैंने कहा – ठीक है, चलो पहुचा देता हूँ।

मैं भाभी को शिव के घर छोड़ कर आने लगा तो मैंने शिव से कहा – भाभी का ख्याल रखना।

वो बोला – तू चिंता मत कर।

मैंने भाभी से मजाक करते हुये कहा – कम से कम 50 रन जरूर बनाना।

उन्होंने मुसकुरते हुये कहा – मैं 51 रन बना दूंगी, तू चिंता मत कर। समय से मुझे लेने आ जाना।

मैंने कहा – मैं आ जाऊँगा। 10 दिन के बाद मैं भाभी को लेने शिव के घर गया। भाभी मुझे देखकर बहुत खुश हो गयी।

मैंने मुसकुराते हुये पूछा – कितने रन बने?

वो थोड़ा उदास हो कर बोली – तू मुझे घर ले चल, मैं तुझे बाद में बता दूंगी। मैं भाभी को लेकर घर चला आया।

घर पहुचने पर मैंने भाभी से पूछा, अब बताओ कि कितनी बार चुदवाया।

वो बोली – केवल 44 बार लेकिन मैं मा नहीं बन पाऊँगी।

मैंने पूछा – वो क्यों?

वो बोली – शिव कल घर जा रहा है, अब वो यहाँ नहीं आयेगा।

मैंने कहा – इतने दिन तुमने उस से चुदवाया है, अब तो उसका बच्चा भी तुम्हारे पेट में आ भी गया होगा।

वो बोली – मुझे आज सुबह ही महीना आ गया। अगर उसका बच्चा मेरे पेट में आ गया होता तो मुझे महीना थोड़े ही आता।

मैंने कहा – एक पंडित जी हैं, मैं तुम्हे उनके पास ले चलता हूँ।

वो बोली – फिर देर काहे कि, अभी चल।

मैं भाभी को लेकर पंडित के पास आ गया। पंडित ने भाभी कि कुंडली देखी और कहा – कुंडली के हिसाब से तुम्हारी जीन्दगी में 4 मरद आयेंगे। पहले के 3 मरद तुम्हें बच्चा नहीं दे पायेंगे। चौथे मरद से ही तुम्हें बच्चा होगा। तुम्हारी कुंडली से ये भी पता चलता है कि तुम अपने देवर के बच्चे कि मां बनोगि और तुम्हें जुड़वा लड़के पैदा होंगे लेकिन सावधान रहना। जब तक तुम्हारी जीन्दगी में 3 मरद नहीं आ जाते तब तक तुम अपने देवर से बच्चा पैदा करने कि कोशिश मत करना नहीं तो तुम कभी भी माँ नहीं बन पाओगी।

भाभी ने मेरी तरफ़ इशारा करते हुये कहा – लेकिन पंडित जी, मेरा तो एक ही देवर है और वो ये है। जब मेरी शादी हुई थी, तब ये 12 साल का था और मैं 16 साल की। मैंने ही इसे पालपोस कर बड़ा किया है फिर मैं कैसे इससे माँ बनने के बारे में सोच सकती हूँ।

पंडित जी ने कहा – बेटी जरा सोचो। अगर तुम्हारी शादी 24 साल कि उमर में हुयी होति तब ये 20 साल का होता, तब तो तुम इसके बच्चे कि माँ बनने को कोशिश करती या नहीं।

भाभी ने कहा – तब तो मैं जरूर कोशिश करती।

पंडित जी ने कहा – बात तो आखिर वही हुयि, फरक केवल इतना ही है कि तुम्हारी शादी जल्दी हो गयी और उस समय ये छोटा था। अगर तुम माँ बनना चाहती हो, तो तुम्हें इसकी मदद ही लेनी पड़ेगी। तुम्हारी कुण्डली देखने से ये भी पता चलता है कि तुम दोनो में बहुत ही ज्यादा प्रेम होगा। अब तुम ही बताओ कि मैं सही कह रहा हूँ या गलत।

भाभी ने कहा – पंडित जी, आप एकदम सही कह रहे हैं। मैं अपने देवर को बहुत प्यार करती हूँ और वो भी मुझे बहुत प्यार करता है।

भाभी ने मेरी तरफ़ इशारा करते हुये कहा – पंडित जी, मैं इसकी कुण्डली भी लायी हूँ, देख लीजीये। पंडित जी ने बहुत देर तक मेरी कुण्डली देखी और बोले, बेटी, इसकी कुण्डली तो बहुत ही अच्छी है। इस से तो 4 जुड़वा बच्चे पैदा होंगे यानि कि कुल मिला कर 8 बच्चे।

भाभी हसने लगी तो पंडित जी बोले – बेटी, हसो मत, मेरी बात ध्यान से सुनो। एक जुड़वा बच्चा तो इसकी अपनी बीवी से होगा लेकिन एकदम आखिर में। बाकी के 3 जुड़वा बच्चे 3 सगी बहनो से पैदा होगे। एक जुड़वा बच्चा तो तुमसे पैदा होना है। बाकी बचे 2 जुड़वा बच्चे। क्या तुम्हारी कोई सगी बहन भी है?

भाभी ने कहा – मेरी 2 बहने और भी है। एक मुझसे 2 साल बड़ी और एक 2 साल छोटी।

पंडित जी ने कहा- बेटी मेरी बात का बुरा मत मानना। तुम्हारी दोनो बहनो को भी इस से 2 जुड़वां बच्चे पैदा होगे। अगर तुम अपनी दोनो बहनो कि कुण्डली ले आओ, तो मैं एकदम साफ़ साफ़ बता दूंगा।

भाभी ने कहा – मैं अभी मंगा देती हूँ।

भाभी ने मुझसे कहा – आलमारी में रीना और टीना कि कुण्डली रखी है, जा कर ले आ।

थोड़ी ही देर मैं घर से कुण्डली ले आया। पंडित जी ने दोनो कुण्डली देखी और बोले – अब मेरी समझ में सारी बात आ गयी।

भाभी ने कहा – बताये पंडित जी।

पंडित जी कहने लगे – तुम्हारी बड़ी बहन कि जिन्दगी में 2 मरद आयेंगे। पहला तो उसका पति होगा और दूसरा उसका देवर। उसको भी अपने देवर से ही बच्चा पैदा होगा, वो भी जुड़वां। रीना की कुण्डली से ये भी पता चलता है कि उसका कोई सगा देवर नहीं होगा। क्या ये बात सही है?

भाभी ने कहा – एकदम सही है।

पंडित जी ने कहा – फिर तुम्हारे देवर से ही रीना को भी जुड़वां बच्चा पैदा होगा। अब रही टीना कि बात। उसकी कुण्डली से भी ठीक यही बात सामने आती है। उसे भी अपने देवर से ही जुड़वां बच्चे पैदा होगे और उसके भी कोई सगा देवर नहीं होगा। क्या मैं सही कह रहा हूँ?

भाभी ने कहा – एकदम सही कह रहे हैं आप।

पंडित जी ने कहा – फिर टीना को भी तुम्हारे देवर से ही जुड़वां बच्चा पैदा होगा। लेकिन एक बात मेरी समझ में नहीं आ रही है।

भाभी ने कहा – वो क्या पंडित जी?

पंडित जी ने कहा – टीना कि जीन्दगी में कुल 21 मरद आयेगे। पहला मरद तो उसका पति होगा और आखिरी मरद तुम्हारा देवर। लेकिन उसकी जिन्दगी में बाकि के 19 मरद कहाँ से आयेगे ये मैं नहीं बता सकता। खैर छोड़ो जाने दो। भविष्य में क्या होने वाला है, वो तो केवल ईश्वर ही जानता है।

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मैं भाभी के साथ घर आ गया।

उम्मीद हे आपको मज़ा आ रहा होगा. कहानी आगे जारी रहेगी दोस्तों।

अगली कहानी में पढ़िए – क्या में  भाभी को चोद कर उन्हें बच्चा दे पाया?

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